बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक के बीच परस्पर प्रेम कि भावना बढनी चाहिए | केन्द्र व राज्य कि सरकार का यह कम होना चाहिए कि दोनों समुदाय में आपसी सहयोग एंव एकता बढ़नी चाहिए |लेकिन सोनिया गाँधी एंड कंपनी ने राष्ट्रीय सलाहकार परिषद द्वारा तैयार किया गया एक ऐसा बिल जिसका नाम सांप्रदायिक और लक्षित हिसा रोकथाम बिल जो इस प्रकार कि भावना को नष्ट कर संदेह और हिंसा घटना कि वर्धि होगा |
कोई भी कम करने से पूर्व उसकी नीयत देखा जाता है | सोनिया गाँधी ऐ ईसाई महिला है तथा वह चर्च से जुडी हुई है |१० वर्षों में दो बड़े हिंसा हुआ है पहला कि गुजरात कि दंगा जो राम भक्तों पर गोधरा में रेलवे के दो डिब्बों में निकट के मुसलमानों ने जला का अनेक हिंदू महिला पुरष और बच्चो कि हत्या किया गया जिसके बाद इस घटना के बाद पुरे गुजरात में हिंसा हुआ इस घटना के पीछे मुसलमानों की किया गया घ्दित कम था तथा दूसरा उडीसा में बाबा लक्शाद्नन की ईसाई के द्वारा उनके आश्रम में कर दिया गया तो वनवासियों द्वारा आसपास ईसाई द्वारा धर्मातरित हिंदू पर शंक के कारण हिंसा हुआ जिसमे अनेक लोगों की जान गई | यह दोनों घटना अल्पसंख्यक द्वारा की गई हिंसा के कारण हुआ |अब इस घटना में कोई बहुसंख्यक का कोई हाथ नहीं था लेकिन घटना के पीछे अल्पसंख्यक हाथ और उन्ही के द्वारा हुआ है |
शुक्रवार, 5 अगस्त 2011
बेशेर्मो लोगों ने निकली बेशर्मी का मोर्चा
आज भारत में कुछ असामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा रच गया बेशर्मी का मोर्चा जो अभी अभी भारत में अचानक से बढे महिलओं (लडकियों) पर छेड़छाड़ तथा बलात्कार एवं हत्या के मामले बढे गये है | बेशर्मी का मोर्चा का कहना है यह घटना पुरुष प्रधान देश होने के कारण है | अब सवाल यह है कि यदि पुरुष प्रधान देश होता तो आज करोड़ों लड़कियाँ प्रोफेसनल इन्जिरिग ,मेडिकल तथा अन्य सरकारी तथा निजी क्षेत्रों में पढाई के बाद सम्मान पूर्वक कार्य कर रही है | कुछ वर्ष पूर्व अफ़गानिस्तान में बुर्का ना पहने पर महिलओं को सरे आम पीटा जाता था |यदि भारत पुरुष प्रधान देश होता तो आज जितनी महिलाएं सम्मानपूर्वक समाज में काम कर रही वह कर पति क्या ?आज जो देश में बदलाव आ रहे है , यह बदलाव समय के साथ ठीक प्रकार से होना चाहिए |
हमारे देश के कुछ पढ़े लिखे असंस्कारित लोग विदेशों कि नकल कर रहे है |टोरंटो में कुछ महिलाओं पर छेड़छाड़ कि घटना अचानक बढ़ गई तो वह कि महिला पुलिस अधिकारी मिशेल ने – महिलाओं को हिदायत डी कि महिलाएं ठीक प्रकार से कपडें पहने जिससे इस प्रकार कि घटना न बढे | तो फिर जैसा देश वैसा भेष वहाँ कि महिलाओं ने उस महिला पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया | रोड पर उतर कर नगे होकर प्रध्श्रण करने लगी | उस महिला पुलिस अधिकारी को माफ़ी मांग कर बचाना पढ़ा | तबतक
हमारे देश के कुछ पढ़े लिखे असंस्कारित लोग विदेशों कि नकल कर रहे है |टोरंटो में कुछ महिलाओं पर छेड़छाड़ कि घटना अचानक बढ़ गई तो वह कि महिला पुलिस अधिकारी मिशेल ने – महिलाओं को हिदायत डी कि महिलाएं ठीक प्रकार से कपडें पहने जिससे इस प्रकार कि घटना न बढे | तो फिर जैसा देश वैसा भेष वहाँ कि महिलाओं ने उस महिला पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया | रोड पर उतर कर नगे होकर प्रध्श्रण करने लगी | उस महिला पुलिस अधिकारी को माफ़ी मांग कर बचाना पढ़ा | तबतक
रविवार, 24 जुलाई 2011
नई नारी तलाशती नई राह........
आज समय तेजी से बदल रहा है | बदलते समय में परस्थितियों भी बदल गयी है |शिक्षा ने स्त्री और पुरुष के समानता ला दिया है | आज लड़की कॉलेज में लडको के साथ पढ़ रही है | इसलिए कुछ अच्छी बात तथा कुछ बुरी बात हो रही है | यह समय रहते समझे की है कल परस्थितियाँ और बिगड़ने वाली है |
शिक्षा के माध्यम से सामाजिक बदलाव हुए है | आज स्त्री भी पुरुषों के साथ- साथ काम कर रही है | इस लिए अब कुछ बातों को ध्यान देना होगा | नहीं तो बहुत सी गलत बाते शुरू हो रही है | अभी पुरे देश में बलात्कार की घटनों में तेजी के साथ चर्चाओं में आने लगी है | लड़की की सुरक्षा का | पहले कोई लड़की बाहर जाती थी तो परिवार से कोई न कोई साथ होता था | इस लिए कि कोई गलत हरकत ना करे , लेकिन समय ने तेजी से करवट बदला है | लड़कियां स्वयं घर से निकल कर कॉलेज ऑफिस जा रही है | यानि काम-काजी महिलाएं के रूप में काम कर रही है | अब पुरुषों के साथ काम करने से समस्याएं और बढ़ रही है |
वर्तमान शिक्षा के कारण लड़के व लड़कियाँ और स्वछ्न्द हो रही है | लड़कियां समाज में अब खुल कर आ रही है जो पर्दा था अब खत्म सा होगा या है तो दूसरी प्रकार कि समस्या उत्पन्न हो रही है | अब जो समस्या आ रही है सामाजिक अराजकता का | पहले कहा जाता था कि विवाह के बाद स्त्री-पुरुष एक गाड़ी के दो पहिए के सामान है | आज स्त्री भी कमा रही है और पुरुष तो जो एक दूसरे के बीच पूरकता था वह खत्म हो गया उसके जगह समानता आ गया जो समस्या कि जड़ है | दूसरी बात है कि एकल परिवार होगा है मकान में बड़े बुजुर्ग नही होने से उन्हें सिखायेगा कौन ? अब इनके बच्चोँ को संस्कार क्या है पता नहीं ? और तो बच्चे एक ही न तो भाई न बहन तो एक दूसरे से रिश्ते कैसे होने चाहिए | उन बच्चोँ को पता नहीं है भाई बहन क्या होता है | अब ऐसे लोग बड़े होगे तो बॉय फ्रेड या गर्लफ्रेंड होगे | आज जो हो राह है वह क्या है इस प्रकार कि समस्या कि शुरुवात है |यह सब जो आज होने लगा है उसकी प्रारंभ अवस्था है | समझना स्त्री को पडेगा कि आज जो समस्या खड़ा हो राह है उसका ईलाज क्या है |
नई दौर के नई राह है इस समस्या का हल है | भारतीय समाज में स्त्री को सामाजिक रूप से पारिवारिक मानता है कि घर परिवार कि ठीक प्रकार से देखभाल करना है | यदि उसे परिवार चलाना है तो बच्चों में अच्छे संस्कार देने होगे | क्योंकि आने वाला समस्या बहुत विकट होने वाला है | आज परिवार चलाने कि लिए अर्थ कि सबसे पहले आवश्कता है तो स्त्री-पुरुष तालमेल के साथ चलना पड़ेगा |आज हर परिवार यही चाहता है कि उसकी भी लड़की अपने पैरों पर खड़ी रहे है | तब लड़की को विवाह कि जरूरत नहीं है लेकिन समाज को जरुरत है | इसलिए विवाह तो करना पड़ेगा लेकिन समय और मर्यादा के साथ तभी समाज रूपी परम्परा ठीक प्रकार से चलता रहेगा | यह अगर कुछ लोग सोचते है अकेले राह जा सकता है तो सही कि अकेला राह जा सकता है लेकिंन आगे चलकर ऐसे लोग अकेलेपन के कारण स्थितियां खराब हुई है | आगे चलकर पुरुष के साथ कंधा से कंधा मिला कर चलना और घर परिवार को भी संभालते हुए सब काम करना ही श्रेष्ठ होगा |
शिक्षा के माध्यम से सामाजिक बदलाव हुए है | आज स्त्री भी पुरुषों के साथ- साथ काम कर रही है | इस लिए अब कुछ बातों को ध्यान देना होगा | नहीं तो बहुत सी गलत बाते शुरू हो रही है | अभी पुरे देश में बलात्कार की घटनों में तेजी के साथ चर्चाओं में आने लगी है | लड़की की सुरक्षा का | पहले कोई लड़की बाहर जाती थी तो परिवार से कोई न कोई साथ होता था | इस लिए कि कोई गलत हरकत ना करे , लेकिन समय ने तेजी से करवट बदला है | लड़कियां स्वयं घर से निकल कर कॉलेज ऑफिस जा रही है | यानि काम-काजी महिलाएं के रूप में काम कर रही है | अब पुरुषों के साथ काम करने से समस्याएं और बढ़ रही है |
वर्तमान शिक्षा के कारण लड़के व लड़कियाँ और स्वछ्न्द हो रही है | लड़कियां समाज में अब खुल कर आ रही है जो पर्दा था अब खत्म सा होगा या है तो दूसरी प्रकार कि समस्या उत्पन्न हो रही है | अब जो समस्या आ रही है सामाजिक अराजकता का | पहले कहा जाता था कि विवाह के बाद स्त्री-पुरुष एक गाड़ी के दो पहिए के सामान है | आज स्त्री भी कमा रही है और पुरुष तो जो एक दूसरे के बीच पूरकता था वह खत्म हो गया उसके जगह समानता आ गया जो समस्या कि जड़ है | दूसरी बात है कि एकल परिवार होगा है मकान में बड़े बुजुर्ग नही होने से उन्हें सिखायेगा कौन ? अब इनके बच्चोँ को संस्कार क्या है पता नहीं ? और तो बच्चे एक ही न तो भाई न बहन तो एक दूसरे से रिश्ते कैसे होने चाहिए | उन बच्चोँ को पता नहीं है भाई बहन क्या होता है | अब ऐसे लोग बड़े होगे तो बॉय फ्रेड या गर्लफ्रेंड होगे | आज जो हो राह है वह क्या है इस प्रकार कि समस्या कि शुरुवात है |यह सब जो आज होने लगा है उसकी प्रारंभ अवस्था है | समझना स्त्री को पडेगा कि आज जो समस्या खड़ा हो राह है उसका ईलाज क्या है |
नई दौर के नई राह है इस समस्या का हल है | भारतीय समाज में स्त्री को सामाजिक रूप से पारिवारिक मानता है कि घर परिवार कि ठीक प्रकार से देखभाल करना है | यदि उसे परिवार चलाना है तो बच्चों में अच्छे संस्कार देने होगे | क्योंकि आने वाला समस्या बहुत विकट होने वाला है | आज परिवार चलाने कि लिए अर्थ कि सबसे पहले आवश्कता है तो स्त्री-पुरुष तालमेल के साथ चलना पड़ेगा |आज हर परिवार यही चाहता है कि उसकी भी लड़की अपने पैरों पर खड़ी रहे है | तब लड़की को विवाह कि जरूरत नहीं है लेकिन समाज को जरुरत है | इसलिए विवाह तो करना पड़ेगा लेकिन समय और मर्यादा के साथ तभी समाज रूपी परम्परा ठीक प्रकार से चलता रहेगा | यह अगर कुछ लोग सोचते है अकेले राह जा सकता है तो सही कि अकेला राह जा सकता है लेकिंन आगे चलकर ऐसे लोग अकेलेपन के कारण स्थितियां खराब हुई है | आगे चलकर पुरुष के साथ कंधा से कंधा मिला कर चलना और घर परिवार को भी संभालते हुए सब काम करना ही श्रेष्ठ होगा |
ब्रिटेन में फोन हैकिंग पर मचा बवाल ...
ब्रिटेन में अभी मचा है बवाल मचा हुआ |१० वर्ष पहले मिली ब्राउलर की हत्या के चले मुकदमा में वर्षों के बाद बनी स्थिति ने ब्रिटेन के संसद को मामले की जाँच कारण पड़ा है |ब्रिटेन की जनता ने अपना रोष व्यक्त कर दिया है | जनता के रोष के कारण ब्रिटेन की संसदीय समिति इस मामले की स्वयं होकर जाँच कर रही है |
2002 में नौ साल पहले जब मिली डाउलर अगुवा की गई, तब वो स्कूल में थी|मिली ब्राउलर के मोबाइल से वायसमेल से कुछ मैसेज हटाये गये | मिली के घर वालों को लगा की मिली जिन्दा है ,लेकिन उसकी हत्या कर दिया गया था | गार्डियन के मुताबिक़ मिली का वॉयसमेल भर गया था लेकिन‘न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड’ अख़बार के एक निजी जासूस ने उसका फ़ोन हैक किया| इस जासूस ग्लेन मलकेयर ने उसके फ़ोन से कुछ संदेश हटा दिए| लेकिन तब तक उसकी हत्या एक नाइटक्लब का चौकीदार लेवी बेलफील्ड ने चुका था| पिछले महीने ही उसे हत्या के लिए दोषी पाया गया और उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई| लेकिन एक पत्रकार शॉन होर ने कह की समाचार के लिए द न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड के लोग फोन हैकिंग करते है |इस पत्रकार की मौत ने फ़ोन हैकिंग विवाद को और गहरा दिया है|'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' के पूर्व पत्रकार और फ़ोन हैकिंग मामले को उजागर करने वाले की मौत हो गई है| शॉन होर ने ही सबसे पहले ये आरोप लगाया था कि 'न्यूज़ आफ़ द वर्ल्ड' अख़बार के पत्रकार ग़ैर-क़ानूनी तरीक़े से लोगों के फ़ोन हैक कर रहे हैं|
तब पता चला की समाचार के लिए पत्रकार (मिडिया), राजनीतिक और पुलिस के साथ अपराधिकरण हो गया है | जिसके कारण मिडिया के लोग अन्य लोगों से मिलकर वह आम तथा फोन हैकिंग कर उनकी बातों को सुनते थे तथा मशाले दार खबर बना कर ब्लैकमेल करते है |शॉन होर ने बीबीसी के पैनोरमा कार्यक्रम में कहा था कि 'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' अख़बार में फ़ोन हैकिंग 'एन्डेमिक' था और उस समय के संपादक एंडी कॉलसन ने ख़ुद उन्हें फ़ोन हैक करने को कहा था | एंडी कालसन को ब्रिटेश प्रधानमंत्री श्री डेविड कैमरन ने उसे अपना संचार प्रमुख बनाया था | इस कारण प्रधानमंत्री भी विवाद में आ गये और उन्हें दक्षिण अफ्रीका से अपना अधूरा प्रवास छोडकर वापस आना तथा ब्रिटिश संसदीय समिति में उपस्थिति हो कर जबाब देना पड़ा | मामला और तुल पकड़ चूका था तो फ़ोन हैकिंग के मामले मे लंदन के पुलिस प्रमुख सर पॉल स्टीफ़ेंसन ने इस्तीफ़ा देना पड़ा तथा 'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' अख़बार के पूर्व उपसंपादक नील वैलिस को लंदन पुलिस का जनसंपर्क सलाहकार नियुक्त किए जाने के कारण ब्रिटेन के सबसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की आलोचना हो रही थी|नील वैलिस की जनसंपर्क कंपनी चैमी मीडिया ने अक्तूबर 2009 से सितंबर 2010 तक लंदन पुलिस के लिए जनसंपर्क सलाहकार की हैसियत से काम किया था|सर पॉल ने ये भी कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि फ़ोन हैकिंग मामला कितना गहरा है उन्हें भी अपने पद से इस प्रकार जाना पड़ेगा |
यह कम करने वाले मिडिया के सबसे बड़ा रूपक मर्डोक की मिडिया कॉरपोरशन करती थी | यह एक प्रकार से मिडिया का अपराधिकरण है | इसमें पूरा ब्रिटेन की मिडिया संदेह के धेरे में है |फोन हैकिंग मिली डाउलर के साथ तथा शाही राज परिवार और राजनीतिज्ञों, जानी-मानी हस्तियों,अफ़ग़ानिस्तान में मारे गए सैनिकों के परिवार जनों और हत्या का शिकार हुए लोगों के परिवार वालों के फ़ोन हैक करने के आरोप हैं. अपराध के शिकार हुए लोगों के फ़ोन हैकिंग का आरोप है| पुलिस का मानना है कि तक़रीबन 4,000 लोग इस हैकिंग का शिकार हुए होंगे |ये शिकायतकर्ता हैं पूर्व फुटबॉलर पॉल गैसकॉय, अभिनेता जूड लॉ, खेल एजंट स्काई ऐन्ड्रू, इंटीरियर डिज़ाइनर केली होप्पन और सांसद क्रिस ब्रायंट|बाद में ये सभी जानकारी मेट्रोपॉलिटन पुलिस को जासूस मलकेयर से ही मिली थीं |
यह घटना का मुख्य कारण था रूपक मर्डोक मिडिया का नीति था | जब रूपक मर्डोक ने जब मिडिया में कदम रखा और उसने मिडिया का व्यवसायकारण का दिया |यह घटना १९९० के दशक की रूपक मर्डोक के बाद जिन्होंने इनकी नकल की आज सभी का हाल यह की अपराधिक रूप में हुआ है |उसने पहले समाचार पत्र को सस्ता कर दिया था उसके घटना के लिए विज्ञापन से पूरा करते थे |विज्ञापन के इस खेल में अपने समाचार का अधिक विस्तार नीति होता है |आप की समाचार पत्र की लोगप्रियता पर होता है | लोगप्रियता बढाने के लिए संपादक और पत्रकार पर भारी दबाव रहता है सनसनीखेज खबर बनाया जाय | जिसके लिए ब्रिटेन 'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' ने कई अनैतिक कम किये | जब शाही परिवार की कई गोपनीय बाते समाचार पत्र में छपा तो उन्होंने पुलिस कारवाही करने को कहा | तब जाकर पता चला की मलकेयर और ‘न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड’ के संपादक क्लाइव गुडमैन को वर्ष 2007 में शाही परिवार के फोन टैप करने के आरोप में जेल में बंद कारण पड़ा|
लेकिन विवाद ने इतना तुल पकड़ा की इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी| न्यूज़ इंटरनेशनल रेबेकाब्रुक्स ने सीईओ पद से इस्तीफ़ा दिया था | पुलिस ने पूर्व मुख्य कार्यकारी रेबेका ब्रुक्स को फोन हैकिंग और घूस दिए जाने के मामले में गिरफ्तार किया गया है| रेबेका की गिरफ़्तारी में ऑपरेशन एल्वेडन टीम का भी हाथ है जो कि इसी मामले में पुलिस को घूस दिए जाने की जांच कर रही है| यह जांच स्वतंत्र पुलिस शिकायत कमीशन कर रही है|ब्रिटेन में फोन हैकिंग का मामला काफ़ी गंभीर मोड़ ले चुका है और इसी कारण न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड नामक 168 वर्ष पुराने अख़बार को बंद करने का फ़ैसला किया गया| जिस समय फोन हैकिंग से जुड़े फैसले किए थे उस समय रेबेका ही अख़बार की संपादक थीं | इस घटना ने ब्रिटिशों जनता को उग्र आंदोलित कर दिया की पुलिस पत्रकार और पोलटिसीयन ने जो गठजोड़ हुआ वह उचित नहीं है | इस प्रकार की जनता के दबाव के आगे ब्रिटिश संसद ने बिशेष सत्र बुलाकर प्रधानमंत्री को अपना बचाव कारण पड़ा तथा खुद रुपर्ड मार्डोक को अपने बेटे के साथ आकार क्षमा मांगना पड़ा है | उसने कहा कि -मैं और मेरा बेटा यहाँ आप सबके लिए, संसद के लिए और ब्रिटेन की उस जनता के लिए बड़े आदर का भाव लेकर आए हैं | ये मेरी ज़िंदगी का सबसे लाचारी भरा दिन है| जो कुछ भी हुआ,मैं फ़ोन हैकिंग का शिकार हुए सभी लोगों को बताना चाहता हूँ कि मैं कितना शर्मिंदा हूँ| माफ़ी माँगने से जो हुआ उसे नहीं बदला जा सकता, फिर भी, मैं उनकी निजता के भयानक उल्लंघन के लिए उनसे माफ़ी माँगना चाहता हूँ |
ब्रिटिश जनता ने अपने देश में पत्रकारिता कि मूल्यों का बचाने का काम किया क्या हम भारतीय लोग पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों को बचाने कि कोशिश करेगे |
2002 में नौ साल पहले जब मिली डाउलर अगुवा की गई, तब वो स्कूल में थी|मिली ब्राउलर के मोबाइल से वायसमेल से कुछ मैसेज हटाये गये | मिली के घर वालों को लगा की मिली जिन्दा है ,लेकिन उसकी हत्या कर दिया गया था | गार्डियन के मुताबिक़ मिली का वॉयसमेल भर गया था लेकिन‘न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड’ अख़बार के एक निजी जासूस ने उसका फ़ोन हैक किया| इस जासूस ग्लेन मलकेयर ने उसके फ़ोन से कुछ संदेश हटा दिए| लेकिन तब तक उसकी हत्या एक नाइटक्लब का चौकीदार लेवी बेलफील्ड ने चुका था| पिछले महीने ही उसे हत्या के लिए दोषी पाया गया और उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई| लेकिन एक पत्रकार शॉन होर ने कह की समाचार के लिए द न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड के लोग फोन हैकिंग करते है |इस पत्रकार की मौत ने फ़ोन हैकिंग विवाद को और गहरा दिया है|'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' के पूर्व पत्रकार और फ़ोन हैकिंग मामले को उजागर करने वाले की मौत हो गई है| शॉन होर ने ही सबसे पहले ये आरोप लगाया था कि 'न्यूज़ आफ़ द वर्ल्ड' अख़बार के पत्रकार ग़ैर-क़ानूनी तरीक़े से लोगों के फ़ोन हैक कर रहे हैं|
तब पता चला की समाचार के लिए पत्रकार (मिडिया), राजनीतिक और पुलिस के साथ अपराधिकरण हो गया है | जिसके कारण मिडिया के लोग अन्य लोगों से मिलकर वह आम तथा फोन हैकिंग कर उनकी बातों को सुनते थे तथा मशाले दार खबर बना कर ब्लैकमेल करते है |शॉन होर ने बीबीसी के पैनोरमा कार्यक्रम में कहा था कि 'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' अख़बार में फ़ोन हैकिंग 'एन्डेमिक' था और उस समय के संपादक एंडी कॉलसन ने ख़ुद उन्हें फ़ोन हैक करने को कहा था | एंडी कालसन को ब्रिटेश प्रधानमंत्री श्री डेविड कैमरन ने उसे अपना संचार प्रमुख बनाया था | इस कारण प्रधानमंत्री भी विवाद में आ गये और उन्हें दक्षिण अफ्रीका से अपना अधूरा प्रवास छोडकर वापस आना तथा ब्रिटिश संसदीय समिति में उपस्थिति हो कर जबाब देना पड़ा | मामला और तुल पकड़ चूका था तो फ़ोन हैकिंग के मामले मे लंदन के पुलिस प्रमुख सर पॉल स्टीफ़ेंसन ने इस्तीफ़ा देना पड़ा तथा 'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' अख़बार के पूर्व उपसंपादक नील वैलिस को लंदन पुलिस का जनसंपर्क सलाहकार नियुक्त किए जाने के कारण ब्रिटेन के सबसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की आलोचना हो रही थी|नील वैलिस की जनसंपर्क कंपनी चैमी मीडिया ने अक्तूबर 2009 से सितंबर 2010 तक लंदन पुलिस के लिए जनसंपर्क सलाहकार की हैसियत से काम किया था|सर पॉल ने ये भी कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि फ़ोन हैकिंग मामला कितना गहरा है उन्हें भी अपने पद से इस प्रकार जाना पड़ेगा |
यह कम करने वाले मिडिया के सबसे बड़ा रूपक मर्डोक की मिडिया कॉरपोरशन करती थी | यह एक प्रकार से मिडिया का अपराधिकरण है | इसमें पूरा ब्रिटेन की मिडिया संदेह के धेरे में है |फोन हैकिंग मिली डाउलर के साथ तथा शाही राज परिवार और राजनीतिज्ञों, जानी-मानी हस्तियों,अफ़ग़ानिस्तान में मारे गए सैनिकों के परिवार जनों और हत्या का शिकार हुए लोगों के परिवार वालों के फ़ोन हैक करने के आरोप हैं. अपराध के शिकार हुए लोगों के फ़ोन हैकिंग का आरोप है| पुलिस का मानना है कि तक़रीबन 4,000 लोग इस हैकिंग का शिकार हुए होंगे |ये शिकायतकर्ता हैं पूर्व फुटबॉलर पॉल गैसकॉय, अभिनेता जूड लॉ, खेल एजंट स्काई ऐन्ड्रू, इंटीरियर डिज़ाइनर केली होप्पन और सांसद क्रिस ब्रायंट|बाद में ये सभी जानकारी मेट्रोपॉलिटन पुलिस को जासूस मलकेयर से ही मिली थीं |
यह घटना का मुख्य कारण था रूपक मर्डोक मिडिया का नीति था | जब रूपक मर्डोक ने जब मिडिया में कदम रखा और उसने मिडिया का व्यवसायकारण का दिया |यह घटना १९९० के दशक की रूपक मर्डोक के बाद जिन्होंने इनकी नकल की आज सभी का हाल यह की अपराधिक रूप में हुआ है |उसने पहले समाचार पत्र को सस्ता कर दिया था उसके घटना के लिए विज्ञापन से पूरा करते थे |विज्ञापन के इस खेल में अपने समाचार का अधिक विस्तार नीति होता है |आप की समाचार पत्र की लोगप्रियता पर होता है | लोगप्रियता बढाने के लिए संपादक और पत्रकार पर भारी दबाव रहता है सनसनीखेज खबर बनाया जाय | जिसके लिए ब्रिटेन 'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' ने कई अनैतिक कम किये | जब शाही परिवार की कई गोपनीय बाते समाचार पत्र में छपा तो उन्होंने पुलिस कारवाही करने को कहा | तब जाकर पता चला की मलकेयर और ‘न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड’ के संपादक क्लाइव गुडमैन को वर्ष 2007 में शाही परिवार के फोन टैप करने के आरोप में जेल में बंद कारण पड़ा|
लेकिन विवाद ने इतना तुल पकड़ा की इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी| न्यूज़ इंटरनेशनल रेबेकाब्रुक्स ने सीईओ पद से इस्तीफ़ा दिया था | पुलिस ने पूर्व मुख्य कार्यकारी रेबेका ब्रुक्स को फोन हैकिंग और घूस दिए जाने के मामले में गिरफ्तार किया गया है| रेबेका की गिरफ़्तारी में ऑपरेशन एल्वेडन टीम का भी हाथ है जो कि इसी मामले में पुलिस को घूस दिए जाने की जांच कर रही है| यह जांच स्वतंत्र पुलिस शिकायत कमीशन कर रही है|ब्रिटेन में फोन हैकिंग का मामला काफ़ी गंभीर मोड़ ले चुका है और इसी कारण न्यूज़ ऑफ द वर्ल्ड नामक 168 वर्ष पुराने अख़बार को बंद करने का फ़ैसला किया गया| जिस समय फोन हैकिंग से जुड़े फैसले किए थे उस समय रेबेका ही अख़बार की संपादक थीं | इस घटना ने ब्रिटिशों जनता को उग्र आंदोलित कर दिया की पुलिस पत्रकार और पोलटिसीयन ने जो गठजोड़ हुआ वह उचित नहीं है | इस प्रकार की जनता के दबाव के आगे ब्रिटिश संसद ने बिशेष सत्र बुलाकर प्रधानमंत्री को अपना बचाव कारण पड़ा तथा खुद रुपर्ड मार्डोक को अपने बेटे के साथ आकार क्षमा मांगना पड़ा है | उसने कहा कि -मैं और मेरा बेटा यहाँ आप सबके लिए, संसद के लिए और ब्रिटेन की उस जनता के लिए बड़े आदर का भाव लेकर आए हैं | ये मेरी ज़िंदगी का सबसे लाचारी भरा दिन है| जो कुछ भी हुआ,मैं फ़ोन हैकिंग का शिकार हुए सभी लोगों को बताना चाहता हूँ कि मैं कितना शर्मिंदा हूँ| माफ़ी माँगने से जो हुआ उसे नहीं बदला जा सकता, फिर भी, मैं उनकी निजता के भयानक उल्लंघन के लिए उनसे माफ़ी माँगना चाहता हूँ |
ब्रिटिश जनता ने अपने देश में पत्रकारिता कि मूल्यों का बचाने का काम किया क्या हम भारतीय लोग पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों को बचाने कि कोशिश करेगे |
बुधवार, 6 जुलाई 2011
शुक्रवार, 10 जून 2011
कांग्रेस अब अपने राजीव गाँधी ट्रस्ट और पार्टी के खातों का खुलासा करे
दूसरी बात यह है की जिन जिन लोगों ने कांग्रेस के ट्रस्ट में उन सब का भी सम्पति की जाँच होनी चाहिए | क्योंकि ट्रस्ट के बहाने उन लोगों ने देश की गाढ़ी कमाई का नाजायज लाभ तो नहीं उठाया है | तथा ट्रस्ट के पहले उनके पास कितनी सम्पति थी अब कितनी है | इसमें सोनियाजी और उनलोगों जो अब तक ट्रस्ट में है |
तीसरी बात यह है जिन लोगो ट्रस्ट में पैसा दिया वह सरकार से कोई लाभ लेने के लिए तो नहीं किया है | कांग्रेस अभी सत्ता में है अपना ट्रस्टों के लिए अपना २ नंबर का पैसा कही ट्रस्ट में तो जमा करके सोनिया जी वाहवाही तो नहीं लुट रहे है | आज व्यक्ति अपना काम को पहले करने केलिए क्या -क्या नही करता है | तो जिस पार्टी की सरकार उससे काम निकलवाने के लिए वे लोग ट्रस्ट में तो नाजायज पैसा तो नहीं दिये है | बात पारदर्शिता की है हम कितने ईमानदार है | मनमोहन सिंह जैसा न की मैं तो ईमानदार हू लेकिन इनके प्रधानमंत्री रहते कितने कलमाडी राजा लाखो करोड रूपये डकार गये |
चौथी बात यह है कि जिस ट्रस्ट के नाम पर ये लोग दलाली कर रहे है वह ट्रस्ट करती क्या है कही तो कांग्रेस के लिए वोट बैंक का काम तो नहीं करती है | वह ऐसे लोगों के लिए तो नहीं जो केवल एक पार्टी के लिए जनमत तैयार करती है क्या .. इन सब बातों कि जाँच भी होनी चाहिए |
तभी पता चल सकेगा कि राजीव गाँधी के नाम पर कौन कौन क्या क्या कर रहा है | सोनियाजी मूलतः ईसाई है इस देश को मिशनरी से भी उतना खतरा है जितना एक देशदोही से है |
जागो !आलोचकों जागो !एक संत आपके लिए प्रतिपल कष्ट झेल रहा है ताकि हम सब चैन से जी सकें |
यह कैसा सत्यमेव जयते ......
यह सरकार जो देश की रक्षा एवं सम्मान भी रखने असमर्थ है |२६/११ मुम्बई हमले मारे गए देश के सम्मानित नागरिक एंव शहीद जवानों की शहादत का सम्मान भी नहीं कर सकती| जिस प्रकार शिकागो अदालत ने राणा को मुंबई हमले की साज़िश रचने के आरोप से बरी कर दिया |
सरकार ने बाबा के पीछे समय खराब किया | उधर अमेरिका जानती की अभी भारत सरकार हिजड़े की सरकार है | अभी तक फांसी की सजा होने पर भी अफजल गुरु को सज्जा नहीं दे रही है | कसाब के मामले में सजा के जगह बिरयानी खिला रही है तो क्यों ना पाकिस्तान जो की अभी नाराज चल रहा है उसे खुश किया जाय |इस लिए अमेरिका ने अपनी कूटनीति के तहत उसे माफ़ी दी यह सब जानते हुआ की राणा एंव हेडली अपराधी है | अमेरिका जानती की राणा को भारत को दे दिया तो सजा देगी नहीं उसे उल्टा बिरयानी खिलायेगी| तो भारत सरकार को क्यों देना ,यही इसे छोड़ देते है | भारत क्या करेगा सरकार में हमारे एजेंट है |
यह अमेरि़क की कूटनीति है | और हमारे हिजडो की सरकार तो केवल बाबा के पीछे पड़े है |
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